Festival SMS [Dussehra Sms (Vijaydashmi)]

Added 1 year ago

आदमी ही आदमी को छल रहा है,
ये क्रम आज से नही, बरसों से चल रहा है
रोज चौराहे पर होता है ” सीताहरण ”
जबकि मुद्दतों से ‘रावण’ जल रहा है…!!:D:D

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Added 1 year ago

मैंने महसूस किया है
उस जलते हुए रावण का दुःख
जो सामने खड़ी भीड़ से
बारबार पूछ रहा था….:D:D
.
“तुम में से कोई राम है क्या..??

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Added 1 year ago

शान्ति अमन के इस देश से अब
बुराई को मिटाना होगा

आतंकी रावण का दहन करने
आज फिर से श्री राम को आना होगा|:D:D

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Added 1 year ago

इस समय लोग रावण भी हो जाये वही बहुत हैं,
रावण बनना भी कहां आसान ….

रावण में अहंकार था तो पश्चाताप भी था
रावण में वासना थी तो संयम भी था

रावण में सीता के अपहरण की ताकत थी
तो बिना सहमति परस्त्री को स्पर्श भी न करने का संकल्प भी था,

सीता जीवित मिली ये राम की ही ताकत थी..
पर सीता पवित्र मिली ये रावण की भी मर्यादा थी

राम, तुम्हारे युग का रावण अच्छा था..
दस के दस चेहरे, सब “बाहर” रखता था…:D:D

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Added 1 year ago

किस्सा एक पुराना दोस्तो लंका मे था रावण,
राजा एक महा अभिमानी कांपता जिससे कण-कण।
उस अभिमानी रावण ने था सबको खूब सताया,
रामचंद्र जब आये वन में सीता को हर लाया।

झलमल-झलमल सोने की लंका पैरो पर झुकती,
और काल की गति भी भाई उसके आगे रूकती।
सुंदर थी लंका, लंका में सोना ही सोना था,
लेकिन पुन्य नही, पापों का भरा हुआ दोना था।

तभी राम आए बन्दर भालू की लेकर सेना,
साध निशाना सच्चाई का तीर चलाया पैना।
लोभ-पाप की लंका धू-धू जलकर हो गई राख,
दीए जले थे तब धरती पर अनगीन, लाखों-लाख।

इसलिए तो आज धूम है रावण आज मरा था,
कटे शीश दस बारी-बारी उतरा भार धरा का।
लेकिन सोचो, कोई रावण फिर छल न कर पाए,
कोई अभिमानी न फिर से काला राज चलाए।
तब होगी सच्ची दीवाली होगा तभी दशहरा,
जगमग-जगमग होगा तब फिर सच्चाई का चेहरा।:D:D

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